अपनी स्क्रीन का रिफ़्रेश रेट टेस्ट करें

पेज को कुछ सेकंड नापने दें: आपको असली रिफ़्रेश रेट Hz में, हर फ़्रेम का समय और छूटे हुए फ़्रेम दिखेंगे। 144 Hz मॉनिटर 60 Hz पर अटका है? उपाय नीचे बताए गए हैं।

  • असली Hz की माप
  • हर फ़्रेम का समय (ms)
  • मोशन टेस्ट
  • फ्री

आपकी स्क्रीन का मापा गया रिफ़्रेश रेट

… Hz

माप जारी है… यह टैब खुला और सामने रखें।

हर फ़्रेम की स्थिरता

हर बिंदु दो फ़्रेम के बीच का समय है; बिंदुदार लाइन सामान्य वैल्यू है। लाल बिंदु छूटे हुए फ़्रेम हैं (भारी टैब, कोई दूसरा भारी सॉफ़्टवेयर, पावर सेविंग)।

मोशन टेस्ट

उड़न तश्तरियों को नज़रों से फ़ॉलो करें: रिफ़्रेश रेट जितना ज़्यादा, हलचल उतनी स्मूद और साफ़। झटकेदार हलचल या धुंधली लकीर (घोस्टिंग) धीमी स्क्रीन या ग़लत सेट रिफ़्रेश रेट का संकेत है।

100% प्राइवेट — सब कुछ सीधे आपके ब्राउज़र में प्रोसेस होता है: आपकी फाइलें, आपकी आवाज़ और आपकी तस्वीर कभी भी Chatzam के सर्वर पर नहीं भेजी जातीं।

अपनी स्क्रीन का Hz कैसे चेक करें?

  1. टेस्ट वाली स्क्रीन पर पेज खोलें

    ब्राउज़र विंडो को उसी स्क्रीन पर रखें, भारी ऐप बंद करें और माप के दौरान कुछ भी न छुएँ।

  2. मापा गया रिफ़्रेश रेट पढ़ें

    टूल असली Hz, हर फ़्रेम का समय मिलीसेकंड में, स्थिरता का ग्राफ़ और छूटे हुए फ़्रेम की गिनती दिखाता है।

  3. मोशन टेस्ट चलाएँ

    एक चीज़ अलग-अलग स्पीड पर चलती है: स्मूदनेस और उसके पीछे बनने वाली धुंधली लकीर पर ध्यान दें।

टेस्ट क्या नापता है

असली रिफ़्रेश रेट

वह रेट जिस पर ब्राउज़र इस स्क्रीन पर फ़्रेम दिखाता है: 60, 75, 120, 144, 165, 240 Hz या ज़्यादा।

हर फ़्रेम का समय

हर फ़्रेम की अवधि मिलीसेकंड में: 60 Hz पर 16.7 ms, 144 Hz पर 6.9 ms, 240 Hz पर 4.2 ms।

स्थिरता और छूटे हुए फ़्रेम

एक ग्राफ़ दिखाता है कि फ़्रेम कितने नियमित आते हैं, और टूल छूटे हुए फ़्रेम गिनता है, जो रुकावट का संकेत हैं।

मोशन टेस्ट

स्मूदनेस परखने और मोशन ब्लर या घोस्टिंग पकड़ने के लिए एक चीज़ अलग-अलग स्पीड पर चलती है।

144 Hz मॉनिटर 60 Hz पर अटका है: उपाय

यह सबसे आम समस्या है: Windows नए मॉनिटर का सबसे ज़्यादा रिफ़्रेश रेट हमेशा अपने-आप नहीं चुनता। Windows 11 पर Settings (सेटिंग्स) > System > Display खोलें, फिर एडवांस्ड डिस्प्ले सेटिंग्स (Advanced display), और “Choose a refresh rate” में सबसे बड़ी वैल्यू चुनें। macOS पर System Settings (सिस्टम सेटिंग्स) > Displays में जाएँ। फिर केबल जाँचें: पोर्ट के वर्ज़न के हिसाब से कई मॉनिटर HDMI पर अपना सबसे ज़्यादा रिफ़्रेश रेट नहीं दे पाते; हो सके तो साथ आई DisplayPort केबल इस्तेमाल करें। डेस्कटॉप PC पर केबल ग्राफ़िक्स कार्ड में लगाएँ, मदरबोर्ड के वीडियो आउटपुट में नहीं। लैपटॉप पर बैटरी या पावर सेविंग मोड स्क्रीन को 60 Hz पर सीमित कर सकता है। आख़िर में, जाँचें कि आपके ब्राउज़र में हार्डवेयर एक्सेलरेशन चालू है, फिर टेस्ट दोबारा चलाएँ।

Hz और मिलीसेकंड: नतीजे का मतलब

रिफ़्रेश रेट, हर्ट्ज़ (Hz) में, बताता है कि स्क्रीन एक सेकंड में कितनी बार नया फ़्रेम दिखाती है। हर फ़्रेम का समय 1000 को रिफ़्रेश रेट से भाग देकर मिलता है: 60 Hz पर 16.7 ms, 75 Hz पर 13.3 ms, 120 Hz पर 8.3 ms, 144 Hz पर 6.9 ms, 165 Hz पर 6.1 ms और 240 Hz पर 4.2 ms। थोड़ा कम माप, जैसे 59.9 या 143.9 Hz, सामान्य है। कभी-कभार कुछ फ़्रेम छूटना चिंता की बात नहीं; लगातार छूटें, तो यह ओवरलोड कंप्यूटर या पावर सेविंग मोड का संकेत है। ध्यान दें: गेम में 144 Hz मॉनिटर एक सेकंड में 144 अलग फ़्रेम तभी दिखाता है जब ग्राफ़िक्स कार्ड भी कम से कम इतने (144 fps) बनाए।

मोशन टेस्ट: स्मूदनेस, ब्लर और घोस्टिंग

मोशन टेस्ट एक चीज़ को अलग-अलग स्पीड पर चलाता है। रिफ़्रेश रेट जितना ज़्यादा, हलचल उतनी स्मूद और साफ़ दिखती है, क्योंकि हर फ़्रेम कम समय तक स्क्रीन पर रहता है: 60 और 144 Hz का फ़र्क़ तुरंत दिखता है। फिर उस चीज़ के पीछे की लकीर देखें। हल्का ब्लर सामान्य है। गहरी, साफ़ दिखने वाली परछाईं, यानी घोस्टिंग, उन पिक्सल से आती है जो बहुत धीरे रंग बदलते हैं; हल्का या रंगीन घेरा, यानी इनवर्स घोस्टिंग, बताता है कि ओवरड्राइव बहुत ज़्यादा सेट है। मॉनिटर के मेन्यू में यह सेटिंग, जिसे अक्सर “Overdrive” या “Response Time” कहा जाता है, बदलें और टेस्ट दोबारा चलाएँ। इसी स्क्रीन के पिक्सल भी जाँचने के लिए “डेड पिक्सल टेस्ट” इस्तेमाल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कैसे पता करें कि मेरी स्क्रीन सच में 144 Hz पर चल रही है?

यह टेस्ट उसी स्क्रीन पर खोलें: अगर यह लगभग 144 Hz और हर फ़्रेम 6.9 ms दिखाता है, तो सब ठीक है। अगर 60 Hz दिखे, तो Windows या macOS की डिस्प्ले सेटिंग्स में रिफ़्रेश रेट बदलें, फिर केबल जाँचें।

मेरा 144 Hz मॉनिटर 60 Hz पर क्यों अटका है?

ज़्यादातर मामलों में डिस्प्ले सेटिंग्स में रिफ़्रेश रेट बदला नहीं गया, इस्तेमाल की गई केबल या HDMI पोर्ट इससे ज़्यादा सपोर्ट नहीं करता, या मॉनिटर ग्राफ़िक्स कार्ड के बजाय मदरबोर्ड में लगा है। लैपटॉप पर बैटरी मोड भी स्क्रीन को 60 Hz पर सीमित कर सकता है।

144 Hz के लिए HDMI या DisplayPort?

PC पर DisplayPort सबसे सुरक्षित विकल्प है: ज़्यादातर गेमिंग मॉनिटर पर यह सबसे ज़्यादा रिफ़्रेश रेट देता है। HDMI में सब कुछ मॉनिटर और ग्राफ़िक्स कार्ड के पोर्ट के वर्ज़न पर निर्भर करता है; मॉनिटर की टेक्निकल स्पेसिफ़िकेशन देखें।

144 Hz में कितने मिलीसेकंड होते हैं?

हर फ़्रेम 6.9 ms, क्योंकि 1000 / 144 = 6.94। तुलना के लिए, 60 Hz यानी 16.7 ms, 120 Hz यानी 8.3 ms और 240 Hz यानी 4.2 ms।

मॉनिटर में घोस्टिंग क्या होती है?

यह चलती हुई चीज़ों के पीछे बनने वाली परछाईं जैसी लकीर है, जो बहुत धीरे रंग बदलने वाले पिक्सल की वजह से होती है। मॉनिटर की ओवरड्राइव सेटिंग इसे कम कर सकती है, पर बहुत ज़्यादा होने पर वह चीज़ के पीछे एक हल्का घेरा बना देती है।

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